श्री हुणेश्वर-घण्डियाल-भैरव देवता मन्दिर सेवा समिति दांणियां धाम,ग्राम सभा मान्दरा बासर; पो०-केपार्स बासर जिला -टिहरी गढ़वाल (उत्तराखण्ड)

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Wednesday, March 2, 2016

श्री घण्डियाल मूल मंत्र

ॐ घंटाकर्ण महावीर, सर्वव्याधि विनाशक , 
विस्फोटक भयम प्राप्तो रक्ष रक्ष महाबल १
यत्र त्वम् तिष्टते देव, लिखितोऽक्षर पंक्तिभी : 
रोगास्तत्र पर्णश्यान्ती , वात पित कफोढ्भवा-२ 
तत्र राज भयं नास्ति, यान्ति कर्णे जपक्षयम  , 
शाकिनी भूत बेताल, राक्षसा  च प्रभवन्तिना -३
न अकाले मरणम तस्य न सर्पेंन द्स्यन्ते, 
अग्निस्चौर भयम नास्ति , घंटाकर्णो नमोस्तुते -४ 
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं घंटाकर्णये ठ: ठ : ठ: स्वाहा 

जय श्री घंटाकर्ण 

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