ओण पट्टी में ओणेश्वर महादेव के पश्वा
(जिन पर देवता अवतरित होते हैं) उनमें मुख्य रूप से ओनाल गांव के नागवंशी राणा एवं
खोलगढ़ के पंवार वंशज व अन्य कई प्रमुख जाति पर अवतरित होते हैं तथा देवता की पूजा
के लिए ग्राम सिलवाल गांव के भट्ट जाति के बाह्मण एवं ग्राम जाखणी, पट्टी भदूरा के
सेमवाल जाति के ब्राह्मण हैं। पूजा वैसे तो सभी कर सकते हैं किन्तु देवता के पूजा
के लिए सिलवाल गांव के मुण्डयाली वंशज भट्ट ब्राह्मण और ग्राम जाखणी के हरकू
पण्डित के वंशज की खास जिम्मेदारी मन्दिर पूजा के लिए रहती है। मन्दिर में किसी भी
स्त्री-पुरुष के आने-जाने की कोई पाबंदी नहीं है।
मान्दरा बासर में हुणेश्वर
देवता के पश्वा (जिन पर देवता अवतरित होते हैं)मुख्य रूप से भट्ट वंशज
है जो कि वर्तमान में श्री जीतेन्द्र भट्ट जी है क्योंकि जब सिलवाल
गांव से लगभग 20वीं शताब्दी की शुरुआत में सिलवाल गांव के मुण्डयाली वंशज भट्ट ब्राह्मण में से एक भाई चिलियाल गांव
और एक भाई मान्दरा बासर आये तो कुछ वर्षों के बाद ओणेश्वर महादेव भी कुल देवता के रूप में उन पर आने लगे जो आज
भी इस क्षेत्र में बहुत पर्चाधारी
देवता है वैसे तो इस क्षेत्र में इनके मन्दिर धारकोट केपार्स बासर में और मान्दरा बासर में गावं के ऊपर दांणियां ं
में है लेकिन दांणियां ं में मन्दिर काफी पुराना है जहाँ पर उनके साथ में
घंडियाल और भैरव देवता का मन्दिर भी है ग्राम सभा मान्दरा बासर के
युवक मंगल दल ने निर्णय लिया है कि उक्त स्थान पर तीनों देवताओं के भव्य
मन्दिर बनेंगे जिसके निर्माण कार्य के लिये सब लोग २७ फरबरी २०१६
को गांवं में एकत्रित हुए और सर्व सम्मति से निर्माण कार्य को श्री लालमणि
रतूड़ी (वर्तमान प्रधान पति) को सौंपा मन्दिर का कार्य लगभग जून २०१७ तक पूर्ण होने
की संभावना है
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